यहां पुराने कुएं से निकलीं 11वीं शताब्दी की ईंटें, पुरातत्ववेता लगा रहे कुछ ऐसा अनुमान
छत्‍तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर को मंदिरों की नगरी माना जाता है। प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम बैकोना के देउरबाड़ी मंदिर के समीप एक प्राचीन कुएं से बड़े आकार की पुरानी ईंटें निकलीं हैं। यह ईंटें ग्यारहवीं शताब्दी की प्रतीत होती हैं। यहां के किसान ने कुएं की खोदाई शुरू की तो बड़े आकार की ईंट निकलने लगीं। वर्तमान समय के हिसाब से ईंट अलग साइज के हैं। इस बारे में गांव के ही एक शिक्षक और सूरजपुर जिला पुरातत्व संघ के सदस्य अजय कुमार चतुर्वेदी ने इसकी लिखित जानकारी सूरजपुर कलेक्टर को दे दी है।

ईंट की लंबाई 7.1 इंच व चौड़ाई व 3.1 इंच ऊंचाई-
बताया गया कि बैकोना स्थिति देउरबाड़ी शिव मंदिर के समीप गोपाल राम की बाड़ी में एक पुराना कुआं है जो खंडहर हो चुका है। इसे पाटने से पहले किसान ईंटों को निकाल रहा है। निकाली गई ईंट की लंबाई 13.6 इंच है। लंबाई 7.1 इंच व चौड़ाई व 3.1 इंच ऊंचाई है। किसान गोपाल राम की उम्र 75 वर्ष है। उसने बताया है कि लगभग 60 वर्ष पहले उसके पिता ने इस कुएं का निर्माण किया था, तब अपनी बाड़ी से खोदकर इन ईंटों को निकाल कुएं की जोड़ाई में उपयोग किया था।

खोदाई में मिले बड़ी-बड़ी दीवारों के अवशेष-
उधर, 25 दिसंबर 2009 को दउरबाड़ी शिव मंदिर बैकोना के निर्माण के दौरान भी खोदाई में इसी तरह की बड़ी-बड़ी दीवारों के अवशेष नजर आए थे। पुरातत्व संघ के सदस्य अजय कुमार चतुर्वेदी ने इन सारी चीजों की जानकारी कलेक्टर को देते हुए अवगत कराया है कि पुरानी ईंटों के निकलने से बैकोना में पुरातात्विक स्थल होने की प्रबल संभावनाएं हैं। 

इस स्थल पर देउर बाड़ी मंदिर आसपास का परीक्षण पुरातत्व विभाग रायपुर को करनी चाहिए। इस स्थल के संरक्षण के लिए दिशा- निर्देश भी जारी होनी चाहिए। इसके पूर्व भी यहां कई पुरातत्व चीजें चर्चाओं में रही हैं। 

शिवपुर में स्थापित मन्दिर 11 वीं शताब्दी के आसपास-
अजय कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि जो ईंट निकली हैं वह काफी बड़े आकार की है। वर्तमान समय में बनने वाली ईंटों से आकार काफी बड़ी है और काफी मजबूत है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण को फिलहाल समझाया गया है कि ईंट का उपयोग किसी अन्य काम में न करें। प्रशासन के निरीक्षण के बाद ही निर्माण करें।

अजय कुमार चतुर्वेदी के मुताबिक बैकोना से लगे ऐतिहासिक शिवपुर में स्थापित मन्दिर 11 वीं शताब्दी के आसपास की हैं। शिवपुर बैकोना से मात्र डेढ़ किलोमीटर दूर है, ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि बैकोना के इस कुएं के ईंट भी इसी समय के आसपास की हैं। बैकोना में देउर बाड़ी मन्दिर भी उसी समय से स्थापित है। बैकोना से प्रतापपुर ब्लॉक मुख्यालय करीब 10 किलोमीटर है।

प्रतापपुर मंदिरों की नगरी है। यह सभी मन्दिर भी इसी के समकालीन हैं। प्रतापपुर में वर्तमान में कुल 11 प्राचीन मन्दिर हैं। प्रतापपुर के आस-पास ग्रामीण क्षेत्रों में भी बहुत से प्राचीन मंदिर आज भी हैं। अनुमान है कि इसी दौरान बैकोना में मन्दिर बनाए गए होंगे। तब इसी ईंट से जोड़ाई की गई होगी। यह मंदिर समय के साथ जमीन में दफन हो गए।